फर्जी सरकारी कॉल
डिजिटल अरेस्ट (फर्जी पुलिस या CBI कॉल)
कोई खुद को पुलिस, CBI या कस्टम अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर कहता है कि आप किसी अपराध में फंसे हैं और आपको 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया गया है।
यह कैसे काम करता है
आपको एक कॉल या वीडियो कॉल आती है जिसमें कोई वर्दी पहने खुद को मुंबई पुलिस, CBI या कस्टम अधिकारी बताता है। वे कहते हैं कि आपके नाम से आए पार्सल में ड्रग्स मिले हैं, या आपका आधार किसी मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। वे आपको घंटों वीडियो कॉल पर बनाए रखते हैं, कमरे से बाहर नहीं जाने देते, और 'केस बंद करने' के नाम पर पैसे मांगते हैं। असली पुलिस कभी वीडियो कॉल पर गिरफ्तार नहीं करती, और कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई चीज़ है ही नहीं।
चेतावनी के संकेत
- वीडियो कॉल पर वर्दी पहने कोई खुद को पुलिस या CBI बताता है
- कहते हैं आपके पार्सल में ड्रग्स या अवैध सामान मिला है
- कॉल काटने या किसी को बताने से मना करते हैं
- आधार, पैन या बैंक की जानकारी मांगते हैं
- 'केस सेटलमेंट' के लिए तुरंत पैसे भेजने को कहते हैं
- गिरफ्तारी का डर दिखाकर घंटों कॉल पर रखते हैं
नया AI तरीका
AI से बनी नकली वर्दी, फर्जी पुलिस स्टेशन का बैकग्राउंड और असली अफसर जैसी आवाज़ इन कॉल्स को और भरोसेमंद बना देती है।
क्या करें
- कॉल तुरंत काट दें। असली पुलिस वीडियो कॉल पर गिरफ्तार नहीं करती।
- डरें नहीं और किसी भी खाते में पैसे न भेजें।
- अपने परिवार के किसी सदस्य को तुरंत बताएं।
- 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं।
अगर वे अब भी फ़ोन पर हैं: कोई जानकारी न दें और बहस न करें। कॉल काट दें। 'डिजिटल अरेस्ट' असली नहीं है।
इसकी रिपोर्ट कैसे करें
1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।